➤ 10 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण से लौटे चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट
➤ उपायुक्त ने किया स्वागत, रात्रि भोज का आयोजन
➤ बच्चों ने साझा किए भावुक अनुभव
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रहने वाले चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का 10 दिवसीय शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण में भाग लेने वाले 52 बच्चे वीरवार देर शाम शिमला पहुंचे।
शिमला पहुंचने पर उपायुक्त अनुपम कश्यप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा और जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा सभी बच्चों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने बच्चों से संवाद करते हुए उनके भ्रमण के अनुभव सुने और उनके उत्साह की सराहना की।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत राज्य सरकार इन बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए जरूरी अवसर भी प्रदान कर रही है। 28 फरवरी 2023 से अब तक करीब 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया गया है। इन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जेब खर्च, करियर काउंसलिंग, देश-विदेश भ्रमण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही भविष्य में स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
यह शैक्षणिक भ्रमण 6 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया था। इस दौरान बच्चों ने चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा का दौरा किया। उन्होंने वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो रेल, हवाई यात्रा, क्रूज यात्रा और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ बस जैसे आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव भी लिया।
दिल्ली में बच्चों ने लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम और राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण किया। आगरा में ताजमहल और गोवा में कलंगुट, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच, डोना पाउला, भारतीय समुद्र विज्ञान संस्थान, क्रूज यात्रा, चर्च, मंगेशी मंदिर, वार्का बीच, पणजी शहर और स्पाइस गार्डन देखने का अवसर मिला।
बच्चों ने अनुभव साझा करते हुए रितिका, पारस नेगी, आशीष और राहुल ने कहा कि फिल्मों और किताबों में जिन जगहों के बारे में सुना था, उन्हें अपनी आंखों से देखना सपने जैसा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की वजह से ही उन्हें यह मौका मिला।
बच्चों ने भावुक होते हुए कहा –
“अगर मुख्यमंत्री न होते, तो शायद हमारे सपने सच न होते।”



